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  • Godaan (Hindi)

    de Premchand ...
    होरीराम ने दोनों बैलों को सानी-पानी दे कर अपनी स्त्री धनिया से कहा - गोबर को ऊख गोड़ने भेज देना। मैं न जाने कब लौटूँ। जरा मेरी लाठी दे दे। धनिया के दोनों हाथ गोबर से भरे थे। उपले पाथ कर आई थी। बोली - अरे, कुछ रस-पानी तो कर लो। ऐसी जल्दी क्या है? होरी ने अपने झुर्रियों से भरे हुए माथे को सिकोड़ कर कहा - तुझे रस-पानी की पड़ी है, मुझे यह चिंता है कि अबेर हो गई तो मालिक से भेंट न होगी। असनान-पूजा करने ... Leer más

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  • Godan

    de Premchand ...
    Godan, a story of stark realism is Premchand’s most outstanding work. It is his last completed novel which brings out the realistic interpretation of Indian village society. This is a story of people, hungry and semi starved, yet hopeful and optimistic in the truest spirit of the age it represent. ... Leer más

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  • Mansarovar - Part 1 (Hindi)

    de Premchand ...
    मानसरोवर - भाग 1अलग्योझाईदगाहमाँबेटोंवाली विधवाबड़े भाई साहबशांतिनशास्वामिनीठाकुर का कुआँघर जमाईपूस की रातझाँकीगुल्ली-डंडाज्योतिदिल की रानीधिक्कारकायरशिकारसुभागीअनुभवलांछनआखिरी हीलातावानघासवालीगिलारसिक संपादकमनोवृत्ति--------------------भोला महतो ने पहली स्त्री के मर जाने बाद दूसरी सगाई की तो उसके लड़के रग्घू के लिये बुरे दिन आ गये। रग्घू की उम्र उस समय केवल दस वर्ष की थी। चैन से गाँव में गुल्ली-ड ... Leer más

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  • Nirmala

    de Premchand ...
    निर्मला मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित एक संवेदनशील और सामाजिक उपन्यास है, जो दहेज प्रथा, असमान विवाह और पारिवारिक विडंबनाओं की मार्मिक कहानी प्रस्तुत करता है। यह कृति समाज की कुरीतियों और उनके परिणामों को बेहद प्रभावशाली ढंग से उजागर करती है।निर्मला की कहानी एक ऐसी स्त्री की पीड़ा को दर्शाती है, जो परिस्थितियों के कारण अपने जीवन में संघर्ष और त्याग का सामना करती है। यह उपन्यास पाठकों को समाज की वास ... Leer más

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  • Premchand Ki Anmol Kahaniyan

    de Premchand ...
    प्रेमचंद की अनमोल कहानियां मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित हिंदी साहित्य की श्रेष्ठ कहानियों का संग्रह है, जो समाज, नैतिकता और मानवीय मूल्यों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। प्रेमचंद की कहानियाँ जीवन की वास्तविकताओं को उजागर करते हुए पाठकों को गहराई से सोचने पर मजबूर करती हैं।इन कहानियों में ग्रामीण जीवन, गरीबी, सामाजिक असमानता और मानवीय संवेदनाओं का सजीव चित्रण है। सरल भाषा में लिखी गई य ... Leer más

    $5.99 USD

    PEDIDO ANTICIPADO

  • Kafan

    de Premchand ...
    झोपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीबी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ निकलती थी, कि दोनों कलेजा थाम लेते थे। जाड़ों की रात थी, प्रकृति सन्नाटे में डूबी हुई, सारा गाँव अन्धकार में लय हो गया था। ... Leer más

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  • Eidgah (ईदगाह)

    de Premchand ...
    Series Libro 1 - प्रेमचंद की मशहूर कहानियाँ
    रमज़ान के पूरे तीस रोज़ों के बाद ईद आई है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभात है। वृक्षों पर कुछ अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, मानो संसार को ईद की बधाई दे रहा है। गाँव में कितनी हलचल है। ईदगाह जाने की तैयारियाँ हो रही हैं। किसी के कुरते में बटन नहीं हैं, पड़ोस के घर से सुई-तागा लेने दौड़ा जा रहा है। किसी के ज ... Leer más

    $0.99 USD

  • Mansarovar Part - 3

    de Premchand ...
    "Mansarovar" is a famous collection of short stories by Munshi Premchand. The collection is highly regarded for its vivid portrayal of Indian rural life, human emotions, and social issues. It consists of eight volumes, each containing stories that delve into various aspects of life and society.Key Stories and Themes"Poos ki Raat" (A Winter Night) - This story depicts the struggles of a poor farmer ... Leer más

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  • Aahuti (Hindi)

    de Premchand ...
    आनन्द ने गद्देदार कुर्सी पर बैठकर सिगार जलाते हुए कहा-आज विशम्भर ने कैसी हिमाकत की! इम्तहान करीब है और आप आज वालण्टियर बन बैठे। कहीं पकड़ गये, तो इम्तहान से हाथ धोएँगे। मेरा तो खयाल है कि वजीफ़ा भी बन्द हो जाएगा।सामने दूसरे बेंच पर रूपमणि बैठी एक अखबार पढ़ रही थी। उसकी आँखें अखबार की तरफ थीं; पर कान आनन्द की तरफ लगे हुए थे। बोली-यह तो बुरा हुआ। तुमने समझाया नहीं? आनन्द ने मुँह बनाकर कहा-जब कोई अपन ... Leer más

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  • Nirmala (Hindi)

    de Premchand ...
    यों तो बाबू उदयभानुलाल के परिवार में बीसों ही प्राणी थे, कोई ममेरा भाई था, कोई फुफेरा, कोई भांजा था, कोई भतीजा, लेकिन यहां हमें उनसे कोई प्रयोजन नहीं, वह अच्छे वकील थे, लक्ष्मी प्रसन्न थीं और कुटुम्ब के दरिद्र प्राणियों को आश्रय देना उनका कत्तव्य ही था। हमारा सम्बन्ध तो केवल उनकी दोनों कन्याओं से है, जिनमें बड़ी का नाम निर्मला और छोटी का कृष्णा था। अभी कल दोनों साथ-साथ गुड़िया खेलती थीं। निर्मला क ... Leer más

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  • Poos Ki Raat (पूस की रात)

    de Premchand ...
    Series Libro 2 - प्रेमचंद की मशहूर कहानियाँ
    हल्कू ने आकर स्त्री से कहा—सहना आया है, लाओ, जो रुपए रखे हैं, उसे दे दूँ। किसी तरह गला तो छूटे।मुन्नी झाड़ू लगा रही थी। पीछे फिर कर बोली—तीन ही तो रुपए हैं, दे दोगे तो कंबल कहाँ से आवेगा? माघ-पूस की रात हार में कैसे कटेगी? उससे कह दो, फ़सल पर दे देंगे। अभी नहीं।हल्कू एक क्षण अनिश्चित दशा मे खड़ा रहा। पूस सिर पर आ गया, कंबल के बिना हार में रात को वह किसी तरह नहीं सो सकता। मगर सहना मानेगा नहीं, घुड ... Leer más

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  • Mansarovar - Part 4 (Hindi)

    de Premchand ...
    मानसरोवर - भाग 4प्रेरणासद्गतितगादादो कब्रेंढपोरसंखडिमॉन्सट्रेशनदारोगाजीअभिलाषाखुचड़आगा-पीछाप्रेम का उदयसतीमृतक-भोजभूतसवा सेर गेहूँसभ्यता का रहस्यसमस्यादो सखियाँस्मृति का पुजारी------------------------मेरी कक्षा में सूर्यप्रकाश से ज्यादा ऊधामी कोई लड़का न था, बल्कि यों कहो कि अध्यापन-काल के दस वर्षों में मुझे ऐसी विषम प्रकृति के शिष्य से साबका न पड़ा था। कपट-क्रीड़ा में उसकी जान बसती थी। अध्यापकों को ... Leer más

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